PRATHM NEWS से रविंद्र किट्टी पंकज की रिपोर्ट
दिल्ली के बम विस्फोट में डॉक्टरों के शामिल होने से प्रत्येक देशवासी हैरान और परेशान हैं। डॉक्टर को भगवान के तौर पर देखा जाता है मगर इन डॉक्टरों की कार्रवाइयों ने डॉक्टर के पेशे को दागधार किया बल्कि अनगिनत लोगों की जिंदगियों को खतरे में डाल दिया। अलफलाह यूनिवर्सिटी फरीदाबाद के मेडिकल कॉलेज में काम कर रही एक महिला डॉक्टर का पुलवामा के डॉक्टर मुजम्मिल अहमद गनई तथा डॉक्टर आदिल मजीद राठौर जो फरीदाबाद तथा
सहारनपुर में कार्यरत थे के आतंकवादी मॉड्यूल में शामिल होने का समाचार निंदनीय है। भारत सरकार द्वारा 10 नवंबर को ब्लास्ट की दिल्ली हिंसा की बारीकी से जांच के आदेश दिए हैं इस जांच से यह साबित होता है की एक पढ़ा लिखा व्यक्ति भी आतंकवादी बन सकता है डॉक्टर बनने के लिए व्यक्ति की अनथक मेहनत होती है हजारों सपने होते हैं डॉक्टर का आतंकवादी बना एक गंभीर विषय है।






